किन परिस्थितियों में बैंक द्वारा ग्राहक के चेक का भुगतान करने से बैंक मना कर देता है
1: जब चेक पर भविष्य की कोई तिथि पड़ी है और उसे उस से पहले भुगतान के लिए प्रस्तुत कर दिया जाए चेक का भुगतान करने का आदेश चेक पर पड़ी तारीख को किया गया आदेश माना जाताता है इसलिए यदि चेक उस तारीख से पूर्व भुगतान के लिए प्रस्तुत किया जाता है तो बैंक का भुगतान करने से इनकार करना नियोजित होता है परंतु यदि बैंक किसी उत्तर तिथिय चैक का भुगतान कर देता है तो उसके द्वारा किया गया भुगतान आदेशक के विरुद्ध एक वैध भुगतान होगा बशर्ते कि आदेशक उक्त तिथि से पूर्व ऐसे चैक का भुगतान न करने का आदेश ना दें
2. जब ग्राहक के खाते में जमा धनराशि चैक का भुगतान न करने की लिए पर्याप्त ना हो और अधिविकर्ष ओवरड्राफ्ट के लिए बैंक के साथ कोई व्यवस्था ना की गई हो
3. जब ग्राहक की बैकर के जमा धनराशि का उपयोग प्रस्तुत चैक के भुगतान के लिए विधिवत रूप में ना किया जा सकता हो
4. जब check उचित रूप से प्रस्तुत ना किया गया हो तो उदाहरणार्थ वह किसी ऐसी शाखा में प्रस्तुत किया गया हो जहां ग्रहक का कोई खाता ना हो या वह बैंक के कार्य के घंटो के बाद प्रस्तुत किया गया हो तो बैंक द्वारा उसका अनादरण न्यायोचित होता है
5. यदि चैक जारी करने की तिथि से उचित समय के भीतर भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया है इस अवधि की समाप्ति के बाद चेक कालातीत stale मान लिया जाता है तथा Bank उसका अनादरण कर देता है आदेशक से कलातीत चैक की पुष्टि करने के बाद ही बैंक उसका भुगतान कर सकता है
6. जब चैक की वैधता संदिग्ध हो अर्थात वाह बैंक द्वारा जारी की गई चैक बुक से भिन्न अन्य चेक पर लिखा गया हो तो बैंक उसका भुगतान करने से इंकार कर सकता है




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